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Other Than Astrology Palmistry, Numerology And More...

Other Than Astrology Palmistry, Numerology And More... (4)

( लेखक (ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह) को अच्छे बुरे का संकेत पहले या कुछ घंटे पहले ही बता देती है आँखों की फड़कन !)   यदि व्यक्ति खुद सचेत रहे तो वह प्रकृति के संकेतों को समझ कर संभल सकता है ! इसमें आँखों का फड़कना प्रमुख है ! इससे संबंधित प्रमुख बातें ! 1.आँख फड़कने पर सभी को भविष्य का  संकेत नही होता है ! 2.जिन्हें आँख फड़कनें का संकेत समझ में आता है उन्हें अच्छे बुरे समय का अच्छी तरह से संकेत हो जाता है और यह संकेत हमेशा सच ही होता है , अच्छा हो या बुरा !! 3.वैसे तो परिणाम सबके लिए अलग अलग हो सकता है पर बाईं आँख का बहुत ही तेज से एक बार फड़कना संकेत देता है कि कुछ ग़लत होने वाला है ! Students के लिए यह बहुत ही संवेदनशील संकेत होता है ख़ासकर result निकालने से पहले के कुछ दिन या घंटे ! 4. किसी भी परिणाम निकालने से पहले चाहे परीक्षा का य नौकरी या टेंडर का यादलती निर्णय के पहले आँखें बहुत कुछ संकेत दे देती है ! 4. भौहों के बीच और आँख मे निचले हिस्से का फड़कना बहुत ही अशुभ होता है ! अगर किसी लड़की की बायींआँख में हलचल होती है तो यह शुभ संकेत कीओर इशारा करताहै, बायीं आँख चारो और फड़कने से विवाह के योग बनते है।   5.अगर किसी लड़की की दाई आँख में हलचल होती है तो यह अच्छा नहीं माना जाता है।किसी पुरुष की दाई आँख फड़के तो यह शुभ समाचार लेकर आता है।   6.किसी पुरुष की बायीं आँख फड़के तो यह कष्टदाई होता है। अगर दोनों आँख एक साथ फड़क रही है तो किसी बिछड़े मित्र से मुलाकात होना संभव है ये फल स्त्री व पुरुष दोनो के लिए एक सामानहोता है।  
अगर किसी का चंद्रमा खराब है तो उनके सर का चाँद दिखने लगता है यानि की सर के बीच के हिस्सेपरबाल उड़ जाते हैं !  अर्थात सर के बिल्कुल मध्य में बाल कम हो जाते हैं या ख़तम ही हो जाते हैं ! यदि ऐसा थोड़ा कम उम्र मे ही दिखने लगे तो समझिए चंद्र बहुत ही खराब है ! और उसके लिए कुछ सावधानियाँ रखी जा सकती हैं या उपाय किए जा सकते है !  
बहुत कुछ बता देती हैं औरत के पैरों की अँगुलियाँ !   अंगलक्षण बहुत ही पुराना  विज्ञान है ! इतना पुराना की आदि ग्रंथ रामायण में महर्षि वाल्मीकि ने सैकड़ों अंग लक्षणों  का उल्लेख किया है ! जब मेघनाद ने भगवान राम और लक्ष्मण को अचेत कर दिया था ! तब रावण सीता जी को उन्हें दिखाने ले गया यह बताकऱ की उनकी मृत्यु हो गयी है ! इस पर सीता जी ने अपने स्वयं के अंग लक्षणों का उल्लेख करके या कहा था की उनके इन अंग लक्षणों को देखकर ज्योतिषियों ने ऐसी कोई आन होनी नही बताई थी ! पर आज वे सारी भविष्यवाणियाँ मिथ्या साबित हो गयीं ! उन्होने कहा कि उनके पैरों की दासों उंगलियाँ और दोनों तलवे ये बारहों पृथ्वी से अच्छी तरह सात जाते हैं !   "मॅमवर्णोंमणिनिभोमृड़युनयांगरूहाणीचा प्रतिष्ठितामद्वाड़षाभिरमामूचूहशुभलक्षनाम "     पैरकी  उंगलियों से स्त्री के कुछ लक्षण निम्न्वत हैं !      * जिस स्त्री के पैर की तर्जनी उंगली (अंगूठे के तुरंत बाद वाली ) अंगूठें से आगे निकल जाए या       अंगूठे से बड़ी हो उस स्त्री का विवाह से पहले या विवाह के बाद पर पुरुष से संबंध बनने की संभावना होती है ! कभी कभी ऐसी स्त्रियाँ बहुत खूबसूरत भी होती हैं पर हमेशा नहीं !   - बृहतपाराशर होरशास्त्र , भविष्य महापुराण    *जिस स्त्री के पैर की मध्यमा और अनामिका अर्थात तीसरी और चौथी उंगली भूमि को स्पर्श ना करे वह स्त्री पतिहीन होती है !                                                            -  बृहतपाराशर होरशास्त्र , भावकुतूहलम   * यदि स्त्री के पैर की अनामिका और मध्यमा अर्थात चौथी और तीसरी अंगुली छोटी हो तो उसे पति का सुख नही मिलता - भा.कु. , भ.पु   * जिस स्त्री के पैरों की अनामिका अर्थात चौथी या पाँचवी अंगुली भूमि पर ना टिकती हो अथवा अंगूठे से बराबर वाली अंगुली अंगूठे से लंबी हो वह औरत अन्य मर्दों से संबंध रखती है और पाप आचरण करती है !   गरूण पुराण ,     * बहुत लंबी अँगुलियाँ चरित्र्हीन होने का एवं बहुत पतली अँगुलियाँ निर्धन होने का संकेत देती हैं ! बृहतपाराशर होरशास्त्र,   * स्त्री के पैर की अंगुलियों से एक संकेत सबसे बुरा होता है कि यदि स्त्री के पैर की अँगुलियन परस्पर एक दूसरे पर चढ़ी हो तो ऐसी स्त्री पति को छोड़ देगी और दूसरे काई अन्य मर्दों से संबंध बनाएगी !   * छोटी और विरल अँगुलियाँ (fingers having space) निर्धानता का संकेत देती हैं ! भ.पु   * पैर की अँगुलियाँ कोमल ,सीधी , सटी हुई हों, गोल हों , मांसल हों , चिकनी हों और छोटे नाखूनों से युक्त हों तो अत्यंत शुभ लक्षण होता है !  भ.पु , बृहतपाराशर होरशास्त्र    
There are four types of lines of marriage! Generally we see people reading the lines on the mount of mercury. Generally there may be more than one line. But here we commit mistake because the line we consider line of marriage may be line of separation or divorce. Line of marriage is found not only on the mount of mercury but also on other three parts of the palm of the native. -the first type of line of marriage is found on the mount of mercury which generally most of persons know. -Second one emerges from line of luck and lines found on the venus (in figure). -Third type of the line of marriage is found in the form of a cross on mount of Jupiter. -when any line moves from mount of venus and reaches to mount of mercury. Astro Palmistry is not new for India but this is the science which completely developed in India. One competent astrologer can make the horoscope by reading the lines and mount of the palm.i worked on Astro Palmistry for more than two years and now I’ll be writing on this subject on daily basis. The palm reveals not only marriage but also divorce and even type and attributes of spouses. As i discussed in my earlier blogs of Astro Palmistry by reading the lines and mounts of the palm the planetary position of the native can be known and there are more chances of getting the correct horoscope of the native. -विवाह रेखा के पास ही होती है तलाक़ रेखा - Astro Palmistry -हथेली में 4 जगह होती हैं विवाह रेखायें ! – Astro Palmistry आमतौर पर हमने देखा है कि सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत पर लोग देखते हैं और कहते हैं कि "अरे आप की तो शादी हो सकती है ! यहीं हम ग़लती कर जाते हैं ! दरअसल जिसे हम दो विवाह समझते हैं वह पति पत्नी के अलगाव या तलाक़ की भी रेखा हो सकती है ! -पहले प्रकार की वीववाह रेखा छोटी उंगली के नीचे होती है ! -दूसरे प्रकार की विवाह रेखा जो जीवन रेखा से निकलती है तथा शुक्र पर्वत पर भी पाई जाती है ! -बृहस्पति पर एक क्रॉस भी विवाह का संकेत दे रहा होता है ! -चौथे प्रकार की विवाह रेखा वह होती है जो चंद्र पर्वत से जाते हुए भाग्य रेखा को छूटी है पर काटती नही है ! “शुक्र पर्वत से एक रेखा यदि बुध पर्वत तक जाती है मतलब जब स्वास्थ्य रेखा जब मिथुन क्षेत्र से तुला क्षेत्र तक जाती है तो शुक्र कुंडली में सातवें घर मे होगा “!

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